जब पापा ने दो दिन यमराज का रास्ता रोका…

June 15, 2019 admin 0

वो तारीख थी 19 जनवरी, 2019 शाम करीब 8 बजे का वक्त था। मैं किसी जरूरी काम में लगा हुआ था। फोन उठाने तक की फुर्सत नहीं थी। लेकिन दीदी का फोन देखा तो फिर उठा लिया। बिना किसी भूमिका के दीदी की पहली लाइन थी, ‘’टिंकू (मेरा घर का नाम है) अगली जो भी फ्लाइट मिल रही हो, उससे घर आ जाओ।‘’ दीदी तब पश्चिम बंगाल के नियामतपुर में हमारे पैतृक स्थान में थीं। “क्या हुआ दीदी? पापा ठीक [More…]

पर्यावरण पर नवोत्थान पत्रिका में हरीश चंद्र बर्णवाल का लेख

September 6, 2018 admin 0

“बात पर्यावरण न्याय की हो” शीर्षक से छपे लेख में डॉ हरीश चंद्र बर्णवाल ने अपने लेखन की एक अलग ही छाप छोड़ी। लेखक और पत्रकार डॉ हरीश चंद्र बर्णवाल ने बताया कि कैसे पर्यावरण पर प्रधानमंत्री मोदी के दर्शन को लेकर दुनिया में एक आशा की किरण जगी है और विश्व को उम्मीद है कि पर्यावरण सुरक्षा को लेकर एक नई सुबह का आगमन भारत से ही होगा। नवोत्थान पत्रिका के अगस्त अंक में ये लेख प्रकाशित किया गया।

“अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” पर नवोत्थान पत्रिका में डॉ हरीश चंद्र बर्णवाल का लेख

June 21, 2018 admin 0

देश की प्रतिष्ठित पत्रिका नवोत्थान में डॉ हरीश चंद्र बर्णवाल का लेख “नरेंद्र मोदी की योग दृष्टि” शीर्षक नाम से छपा। जून 2018 के अंक में छपे इस लेख में लेखक और पत्रकार डॉ हरीश चंद्र बर्णवाल ने योग पर प्रधानमंत्री मोदी की समग्र दृष्टि का बखूबी बखान किया है। लेख को पढ़कर आप पाएंगे कि ये मात्र एक लेख ही नहीं योग पर मोदी के नजरिये को दर्शाता एक बेहतरीन रिसर्च पेपर है जो लेखक की प्रधानमंत्री मोदी को [More…]

नवोत्थान में प्रकाशित आलेख – भाषायी एकता के प्रतिमान बने नरेन्द्र मोदी

March 10, 2018 Admin 0

नवोत्थान पत्रिका ने अपने मार्च माह के अंक में हरीश चन्द्र बर्णवाल का एक विशेष आलेख प्रकाशित किया है। लेखक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भाषा पर यह विशेष आलेख लिखा है। प्रधानमंत्री की सैकड़ों स्पीच पर रिसर्च के बाद यह लेख तैयार किया गया है।

‘नवोत्थान’ में प्रधानमंत्री मोदी पर आलेख – लोक-परंपरा के जन जागरण का दौर

January 8, 2018 Admin 0

नवोत्थान पत्रिका के दिसंबर, 2017 अंक में हरीश चन्द्र बर्णवाल का लिखा आलेख प्रकाशित हुआ था। उसे हुबहू यहां प्रकाशित कर रहे हैं। “हमारी संस्कृति, हमारी कला, हमारा संगीत, हमारा साहित्य, हमारी विविध भाषाएं, हमारी प्रकृति, हमारा परिवेश, ये सभी हमारी अनमोल विरासतें हैं। कोई भी देश अपनी विरासत को भुलाकर आगे नहीं बढ़ सकता है। हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपनी इस अनमोल धरोहर को सहेजें, संभालें और उसे सशक्त करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहें।“  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कथन नए भारत का सजीव  चित्रण करने के लिए काफी है। पिछले कुछ [More…]

नवभारत टाइम्स में कांग्रेसी नेताओं के अपशब्द पर छपा आलेख

November 22, 2017 Admin 0

नवभारत टाइम्स ने 22 नवंबर को लेखक हरीश चन्द्र बर्णवाल का आलेश प्रकाशित किया। ये लेख हुबहू यहां प्रकाशित किया जा रहा है   देखिए कब-कब कांग्रेसी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दीं   यूथ कांग्रेस के एक ट्वीट ने इस समय पूरे देश में सियासी उफान पैदा कर दिया है। यूथ कांग्रेस की ऑनलाइन मैगजीन के ट्विटर हैंडल से किए गए इस ट्वीट में सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भद्दा मजाक उड़ाने की कोशिश की गई है। घटिया [More…]

राहुल गांधी पर लेखक हरीश चन्द्र बर्णवाल का विश्लेषणात्मक लेख

November 15, 2017 Admin 0

नवभारत टाइम्स ने 15 नवंबर, 2017 को राहुल गांधी पर एक आलेख प्रकाशित किया था। इसे यहां हुबहू प्रस्तुत किया जा रहा है।   राहुल गांधी का हिन्दू प्रेम–आंकड़ों के जरिये मंदिर यात्रा का विश्लेषण भारतीय सामाजिक परंपरा में एक कहावत है कि “अगर सच्चे अर्थ में कोई धार्मिक व्यक्ति राजनीति करे तो समझिए समाज की बेहतरी के लिए कुछ होने वाला है, लेकिन अगर राजनीतिक व्यक्ति धर्म का चोला ओढ़ ले तो यकीन मानिए समाज में कोई बड़ा खतरा [More…]

बेटे को पिता की चिट्ठी

October 21, 2017 Admin 0

लेखक हरीश चन्द्र बर्णवाल के पुत्र तत्व बर्णवाल एक बार काफी बीमार हो गए थे। उस दौरान वो 25 दिनों तक अस्पताल में 12 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे। वेंटिलेटर पर जब पुत्र का नौवां दिन था, तब लेखक ने अपने पुत्र के लिए एक मार्मिक कविता लिखी थी। वो कविता इस प्रकार थी – उठो श्रीशु उठो उठो श्रीशु उठो उठो श्रीशु उठो कि सुबह होने को बेकरार है कि सूरज उगने को छटपटा रहा है कि रोशनी ने [More…]

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