नरेंद्र मोदी का दिमाग कंप्यूटर से भी तेज चलता है..!

March 20, 2016 admin 0

इस शीर्षक को पढ़कर ऐसा लग रहा होगा कि कहीं चाचा चौधरी पर लिखे लेख को तो नहीं पढ़ रहा हूं। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। हां मैंने संदर्भ बिल्कुल वहीं से लिया है। लेकिन ये सब कुछ कहने के पीछे मेरे अपने तर्क हैं। इस तर्क को व्यवहारिकता की कसौटी में परखने की कोशिश करता हूं। दरअसल, मैंने अपनी किताब ‘मोदी मंत्र’ की शुरुआत नरेंद्र मोदी के द्वारा बार-बार दोहराए जाने वाले एक बयान से की है। नरेंद्र [More…]

क्या वक्त नहीं आ गया है कि कांग्रेस को खत्म कर दिया जाए?

March 15, 2016 admin 0

बहुत कम लोगों को पता होगा कि जब देश को आजादी मिली थी, तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सबसे पहले कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए कहा था कि कांग्रेस पार्टी को अब खत्म कर देना चाहिए, क्योंकि इसका गठन आजादी के आंदोलन के लिए एक संगठन के रूप में हुआ था। हालांकि कांग्रेस को खत्म तो नहीं किया गया, लेकिन बार-बार इस बात की चर्चा जरूर होती रही। सवाल ये भी उठते रहे कि आखिर राष्ट्रपिता महात्मा [More…]

मोदी विरोध की सनक में देश विरोध पर तो नहीं उतर आया विपक्ष?…इसलिए उठ रहे हैं सवाल!

March 9, 2016 admin 0

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को बेइज्जत करने का विपक्ष के सारे नेता मिलकर कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते, चाहे इसके लिए देश की संसदीय परंपराओं को ध्वस्त करना पड़े, देशद्रोह को भी समर्थन क्यों नहीं करना पड़े या फिर चाहे देश की इज्जत पूरी दुनिया में क्यों न धूमिल करना पड़े। बिना किसी भूमिका के सीधे-सीधे कुछ उदाहरण के जरिये अपनी बात रख रहा हूं। 1-ये लगातार दूसरा मौका है जब राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर संशोधन प्रस्ताव [More…]

तू इस तरह से मेरी ज़िंदग़ी में शामिल है!

February 9, 2016 admin 0

10 दिसंबर 2005 की घटना है। उन दिनों मैं स्टार न्यूज में कार्यरत था। मुंबई के जुहू तारा रोड स्थित रोटरी सेंटर में एक कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। इस कार्यक्रम के दो हीरो थे। एक निदा फाजली, जिनकी किताब का विमोचन था और दूसरा मैं, जिसे अखिल भारतीय अमृत लाल नागर पुरस्कार का प्रथम पुरस्कार मिलना था। पूरा कार्यक्रम तय करने के अलावा सभी गेस्टों के आदर सत्कार की जिम्मेदारी भी मेरी थी। खास बात ये [More…]

…तो मैं अपना भारतेंदु हरिश्चंद्र अवॉर्ड वापस कर दूंगा

October 19, 2015 admin 0

आतंकवादी सिर्फ वही नहीं होते हैं जो सामान्य तौर पर आम लोगों के बीच खून-खराबा करते हैं, बल्कि इस देश में धीरे-धीरे ऐसे आतंकवादियों के चेहरे से भी नकाब उतर रहा है जिनके हाथ में कोई बंदूक या अत्याधुनिक हथियार नहीं, बल्कि कलम है। ये “बौद्धिक आतंकवादी” हैं। ये आतंकवादी भी विद्रोही किस्म के हैं। देश के लोकतंत्र को ध्वस्त कर देना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि इन्हें इस बात पर कतई यकीन नहीं है आम जनता बहुमत से [More…]

आप से पांच सवाल

March 4, 2015 admin 0

आम आदमी पार्टी की नेशनल एक्जीक्यूटिव ने पीएसी से योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को हटाने का फैसला लोकतांत्रिक तरीके से लिया है। बहुत अच्छा किया कि वोटिंग का सहारा लिया। बैठक में मौजूद 19 में से 11 लोगों ने उनके खिलाफ वोट किया तो 8 लोगों ने जिनमें खुद योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी शामिल थे, उनके पक्ष में वोट किया। सुनने में तो ये चीजें बहुत अच्छी लगती हैं। लेकिन हकीकत ये है कि जिन सिद्धांतों और [More…]

मितवा ओ मितवा…तुझको क्या डर है रे!

January 27, 2015 admin 0

आज जब दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सिरी फोर्ट में अपना भाषण समाप्त किया तो उसके बाद वो तुरंत निकल नहीं गए, बल्कि वहां मौजूद लोगों से बातचीत की। उनसे घुलेमिले। यही नहीं कई लोगों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। माहौल भावनापूर्ण था। इन सबके बीच सबसे अनोखी चीज थी बैकग्राउंड में चल रहा लगान का गाना। ‘मितवा.. ओ मितवा… तुझको क्या डर है रे.. ये धरती…अपनी है…अपना अंबर है ये’ एक बार गाना खत्म [More…]

मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की 101 वजहें

March 19, 2013 admin 0

इस देश में अगर कोई शख्स हर वक्त और सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है तो वो हैं गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी। सियासी विरोधियों के लिए कट्टर दुश्मन तो समर्थकों के लिए जुनून की हद तक प्रेम। किसी के लिए भी सियासत के कोई मायने नहीं। अपनों के लिए विकास का प्रेम रह-रहकर उपजता है तो विरोधियों के लिए दंगों से बड़ा कोई दर्द नहीं, लेकिन हकीकत यही है कि महज एक राज्य का मुख्यमंत्री होने के बाद भी [More…]

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