पापा ही तो थे

January 21, 2020 news desk 0

ठीक एक वर्ष हो गए, जब पापा आज ही के दिन हम सबको छोड़कर चले गए। तब पापा की याद में कुछ कविताएं लिखी थीं। कुछ मित्रों ने उसे संजोने की सलाह दी। तब जाकर ये कविता तैयार हुई। आज उनकी पहली पुण्यतिथि पर पापा को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए ये कविता दुनिया के सभी पापा को समर्पित कर रहा हूं। फेसबुक पर यह कविता वायरल है। देखिए वीडियो-

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देश भर के प्रोफेसरों के ट्रेनिंग सेशन को डॉ हरीश चन्द्र बर्णवाल ने किया संबोधित

January 14, 2020 admin 0

देश-विदेश में प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में देश भर के लेक्चरर्स-प्रोफेसर्स की ट्रेनिंग आयोजित की गई है। इन लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों से मिलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 13 जनवरी को डॉ हरीश चन्द्र बर्णवाल को आमंत्रित किया गया। उन्होंने पत्रकारिता की भाषा को लेकर अपने अनुभव बांटे।     इस कार्यक्रम में देश भर के शिक्षक शामिल हुए। ये एक इंटरेक्टिव सेशन था, जिसमें प्रोफेसर्स ने खूब सवाल पूछे।

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विश्व पुस्तक मेले में डॉ. हरीश चन्द्र बर्णवाल की सभी पुस्तकें उपलब्ध

January 10, 2020 admin 0

दिल्ली में इस समय विश्व पुस्तक मेला पूरे शबाब पर है। देश भर से पुस्तक प्रेमी इस पुस्तक मेले में पहुंच रहे हैं। ये पुस्तक मेला 4 जनवरी से शुरू हुआ है, जो 12 जनवरी तक चलेगा। डॉ. हरीश चन्द्र बर्णवाल की सभी पुस्तकें यहां उपलब्ध हैं, जिसे लेकर लोग उत्साह दिखा रहे हैं। हरीश चन्द्र बर्णवाल की नई पुस्तक लॉर्ड ऑफ रिकॉर्ड्स प्रभात प्रकाशन के स्टॉल पर उपलब्ध है। लेखक जब इस स्टॉल पर पहुंचे तो सभी पुस्तकें बिक चुकी थीं। [More…]

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“टेलीविजन की भाषा” पुस्तक का तीसरा संस्करण भी प्रकाशित, विश्व पुस्तक मेले में उपलब्ध

January 10, 2020 admin 0

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हरीश चन्द्र बर्णवाल की पुस्तक टेलीविजन की भाषा पुस्तक का तीसरा संस्करण भी प्रकाशित होकर आ गया है। इस पुस्तक को राधाकृष्ण प्रकाशन (राजकमल) ने प्रकाशित किया है। नया संस्करण दिल्ली में आयोजित पुस्तक मेले में भी उपलब्ध है। पत्रकारिता के विद्यार्थियों के बीच इस पुस्तक की जबरदस्त मांग है। लेखक हरीश ने इस पुस्तक में टेलीविजन पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए भाषा में हो रहे नए प्रयोगों की चर्चा की है। इस पुस्तक को पत्रकारिता के कई [More…]

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