नवोत्थान में प्रकाशित आलेख – भाषायी एकता के प्रतिमान बने नरेन्द्र मोदी

March 10, 2018 Admin 0

नवोत्थान पत्रिका ने अपने मार्च माह के अंक में हरीश चन्द्र बर्णवाल का एक विशेष आलेख प्रकाशित किया है। लेखक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भाषा पर यह विशेष आलेख लिखा है। प्रधानमंत्री की सैकड़ों स्पीच पर रिसर्च के बाद यह लेख तैयार किया गया है।

Share

BPSC में इंटरव्यू देने वाले परीक्षार्थियों को हरीश चन्द्र बर्णवाल का मार्गदर्शन

February 28, 2018 Admin 0

28 फरवरी, 2018 को हरीश चन्द्र बर्णवाल बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के परीक्षार्थियों के बीच पहुंचे। लगभग डेढ़ सौ विद्यार्थी जो अपनी कड़ी मेहनत से प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास कर चुके हैं और जिन्हें अब इंटरव्यू देना है। ऐसे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए लेखक हरीश बर्णवाल को बुलाया गया। हरीश बर्णवाल ने लगभग दो घंटे तक इन परीक्षार्थियों का मार्गदर्शन किया। हरीश बर्णवाल ने इस दौरान इंटरव्यू को लेकर विद्यार्थइयों को कई टिप्स दिए। लेक्चर के आखिर में सवाल-जवाब [More…]

Share

12वें मीडिया एक्सीलेंस अवॉर्ड से हरीश चन्द्र बर्णवाल सम्मानित

February 21, 2018 Admin 0

लेखक और टीवी पत्रकार हरीश चन्द्र बर्णवाल को 12वें मीडिया एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें बेस्ट एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के सम्मान से सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से किया गया। कार्यक्रम का आयोजन 20 फरवरी, 2018 को दिल्ली के प्यारेलाल भवन में किया गया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर बालयोगी महाराज और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले भी मौजूद थे। कार्यक्रम में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस दौरान टीवी [More…]

Share

‘नवोत्थान’ में प्रधानमंत्री मोदी पर आलेख – लोक-परंपरा के जन जागरण का दौर

January 8, 2018 Admin 0

नवोत्थान पत्रिका के दिसंबर, 2017 अंक में हरीश चन्द्र बर्णवाल का लिखा आलेख प्रकाशित हुआ था। उसे हुबहू यहां प्रकाशित कर रहे हैं। “हमारी संस्कृति, हमारी कला, हमारा संगीत, हमारा साहित्य, हमारी विविध भाषाएं, हमारी प्रकृति, हमारा परिवेश, ये सभी हमारी अनमोल विरासतें हैं। कोई भी देश अपनी विरासत को भुलाकर आगे नहीं बढ़ सकता है। हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपनी इस अनमोल धरोहर को सहेजें, संभालें और उसे सशक्त करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहें।“  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कथन नए भारत का सजीव  चित्रण करने के लिए काफी है। पिछले कुछ [More…]

Share

प्रधानमंत्री मोदी पर लिखी नई कविता वायरल

November 28, 2017 Admin 0

लेखक हरीश चन्द्र बर्णवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर एक कविता लिखी है, जो कि इस समय काफी वायरल हो रही है। इसका वीडियो भी तैयार किया गया है। इस कविता को सोशल मीडिया पर लोग काफी पसंद कर रहे हैं। रिश्ते नाते सब छोड़ कर, चल पड़ा हूँ राष्ट्रपथ पर, nice lines by @hcburnwal pic.twitter.com/9euezgLWPZ — शलभ मणि त्रिपाठी (@shalabhmani) November 27, 2017 लेखक हरीश बर्णवाल के फेसबुक पेज पर लोगों ने अच्छी प्रतिक्रियाएं दी हैं

Share

नवभारत टाइम्स में कांग्रेसी नेताओं के अपशब्द पर छपा आलेख

November 22, 2017 Admin 0

नवभारत टाइम्स ने 22 नवंबर को लेखक हरीश चन्द्र बर्णवाल का आलेश प्रकाशित किया। ये लेख हुबहू यहां प्रकाशित किया जा रहा है   देखिए कब-कब कांग्रेसी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दीं   यूथ कांग्रेस के एक ट्वीट ने इस समय पूरे देश में सियासी उफान पैदा कर दिया है। यूथ कांग्रेस की ऑनलाइन मैगजीन के ट्विटर हैंडल से किए गए इस ट्वीट में सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भद्दा मजाक उड़ाने की कोशिश की गई है। घटिया [More…]

Share

IGNCA के 30 वर्ष पूरे होने पर सेमिनार का आयोजन

November 19, 2017 Admin 0

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के 30 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 18 नवंबर, 2017 को आयोजित इस कार्यक्रम का थीम रखा गया था MY IDEA OF NEW INDIA.  इस कार्यक्रम में विख्यात अर्थशास्त्री और ICSSR के सदस्य सचिव प्रो. वी के मल्होत्रा, श्री शंकराचार्य संस्कृत महाविद्यालय की डीन प्रो. शशि प्रभा कुमार, आज तक के संपादक (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) सईद अंसारी, सुप्रीम कोर्ट के वकील विक्रमजीत बनर्जी और पत्रकार-लेखक हरीश चन्द्र बर्णवाल शामिल हुए।   कार्यक्रम [More…]

Share

राहुल गांधी पर लेखक हरीश चन्द्र बर्णवाल का विश्लेषणात्मक लेख

November 15, 2017 Admin 0

नवभारत टाइम्स ने 15 नवंबर, 2017 को राहुल गांधी पर एक आलेख प्रकाशित किया था। इसे यहां हुबहू प्रस्तुत किया जा रहा है।   राहुल गांधी का हिन्दू प्रेम–आंकड़ों के जरिये मंदिर यात्रा का विश्लेषण भारतीय सामाजिक परंपरा में एक कहावत है कि “अगर सच्चे अर्थ में कोई धार्मिक व्यक्ति राजनीति करे तो समझिए समाज की बेहतरी के लिए कुछ होने वाला है, लेकिन अगर राजनीतिक व्यक्ति धर्म का चोला ओढ़ ले तो यकीन मानिए समाज में कोई बड़ा खतरा [More…]

Share